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Frequently Asked Questions

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www.dohelpme.org यह वेबसाईट सॉफ्टवेअर डेव्हलपर डी. विक्रम कुमार इन्होंने डेव्हलप की है ,वह बेंगलूरू, कर्नाटक राज्य के रहनेवाले है।

यह वेबसाईट सॉफ्टवेअर  डेव्हलपर डी. विक्रम कुमार व्दारा चलाई जा रही है ।

आपने शायद www.dohelpme.org इस वेबसाईट की थीम अच्छेसे पढी या सुनी होगी , जिससे आपके समजमें आया होगा की सच में इस वेबसाईट पर रजिस्ट्रेशन या किसी भी तरह की सर्व्हीस के लिए किसी भी व्यक्तीसे कोई शुल्क नहीं लिया जाता । जैसे नया व्यक्ती सिस्टममें आने के बाद मदद पाने या मदद दिलाने  हेतू नये लोगोको जोडता है, वैसे ही सॉफ्टवेअर डेव्हलपर डी. विक्रम कुमार भी यही काम करते हुऐ अपने ड्रीम प्रोजेक्ट साकार करनेके लिए आर्थिक मदद जुटा रहे है और साथमें वेबसाईटके खर्चेका भुगतान कर रहे है । इसके साथ – साथ जरुरतमंद व्यक्तींओको एक अच्छा प्लॅटफार्म देकर उनकी आर्थिक जरुरते पुरी होते देखकर खुषी और संतोष की अनुभूती कर रहे है।

जी नहीं , आपने सवाल क्रमांक -3 का जबाब पढा होगा , सॉफ्टवेअर डेव्हलपर  डी. विक्रम कुमार ने यह वेबसाईट खुद को आर्थिक मदद मिलने हेतू इस वेबसाईट का निर्माण किया है, इस वेबसाईटव्दारा मिली हुई मददसें वह अपना ड्रीम प्रोजेक्ट शुरु करना चाहते है। तो ऐसे में वह वेबसाईट बंद करनेके बारेमें कैसे सोच सकते है ? और जिस सिस्टमसें रुपयें आ रहे है ऐसी सिस्टम बंद करनेके बारेमें कोई बेवकूफ इंसानही सोच सकता है। इसलिए निश्चिंत रहिए यह वेबसाईट कभी भी बंद नहीं होगी।

जी नहीं , यह किसी भी तरह की चेन सिस्टम नहीं है , क्यो की चेन सिस्टममें आपको फिक्स किए गये ढांचे के अनुसार एक व्यक्ती उसके निचे दो या चार, उसके निचे चार या सोला ऐसेही फार्मेटमें लोगोको जोडना पडता है। मगर www.dohelpme.org इस वेबसाईट पर किसी भी प्रकारका फिक्स् ढांचा नहीं है। वेबसाईटपर अपना नाम  मदद देने या पाने के लिए रजिस्टर करने के बाद ,अपनी-अपनी आर्थीक जरूरत नुसार  केवल एक व्यक्ती जोडकर भी सिमीत मदद पाई जा सकती है । जिसको कम समयमें और जादा मदद की जरूरत है वह व्यक्तीं बीस लोगों तक जोड सकता है, जिससे उसकी बीस लोगोंकी टीम होगी और कम समयमें जादा मदद मिलेगी। कोई व्यक्ती केवल मदद देने हेतू भी अपना नाम सिस्टम में रजिस्टर कर सकता है। हर एक व्यक्तींकी आर्थिक जरूरतनुसार वह 1 से लेकर 20 व्यक्ती मदद पाने हेतू जोड सकता है। इसलिए यह कोई चेन सिस्टम नहीं है।

जी हॉं, इस लेव्हल तक मदद उन्हीं लोगोको मिलती है जिन्होंने अपने निचे चार से जादा लोगोंको जोडा है। क्यो की 5 वे फार्ममें जुडनेवाला व्यक्तीं स्पॅान्सरको 2500/- रूपये और स्पॅान्सरके 11th  और 12th  लेव्हल पर स्थित व्यक्तीको 200-200/- रुपयोंकी मदद देगा। इस प्रकार छटवे फार्ममें जुडनेवाला स्पॅान्सरको 2500/- रूपये और लेव्हल 13th – 14th  को 200-200/- रुपयोंकी मदद देगा। इसी प्रकार यह सिलसिला 20 वे फार्म तक लेव्हल 42nd  तक चलता रहेगा।

जी नहीं । अगर आप पेपर और पेन लेकर हिसाब करेंगे तो, एक व्यक्ती सिस्टममें जुडने के बाद अगर केवल चार जरुरतमंद व्यक्तीयोंको इस सिस्टममें मदद लेने / देने हेतू जोडता है , और उसके बाद जुडनेवाला हर एक व्यक्ती कम से कम अपने निचे चार व्यक्तींयोको जोड रहा है यह सुनिश्चित करता है, तो उस व्यक्ती को पहली लेव्हल से दसवी लेव्हल तक लगभग 28 करोड रुपयें जरुर मिलेंगे यह एक पुक्ता गणीत है। और उदाहरण के तौर पर गणीत समझाना प्रलोभन नहीं हो सकता। यह एक सौ प्रतिशत पारदर्शक सिस्टम है , जो जितनी मेहनत करेगा उतनी ही आर्थीक मदद पायेंगा।

इस सिस्टम से अगर आर्थीक मदद प्राप्त करनी है ,तो जिस तरह कोई व्यक्ती नोकरी / धंधा करते वक्त नियमित रुपसे कार्य करता रहता है उसी तरह यहां भी मेहनत करनी पडेगी। फर्क इतना है की आप किसी के बंधन में नहीं है , खुद के मर्जी के मालीक है। जितनी मेहनत करोगे उतनी जल्दी या देरींसे कम या जादा मदद मिलेगी। कोई व्यक्ती जुडने के बाद सिर्फ एकही व्यक्ती जोडता है तो उसके निचे जुडनेवाले लोग जिस तरह से आगे जोडनेका काम करेंगे उस के अनुसार ही उस व्यक्तींको आर्थीक मदद मिलेगी। कोई व्यक्ती चार-चार लोग जुड रहे है यह सुनिश्चित करता है तो उन्हे लगभग 28 करोड रुपये मिलने तय है और जो व्यक्ती 4 से जादा जोडता है तो उन्हे 28 करोड रुपयों से भी जादा की मदद मिल सकती है।

जी हॉं । जब आप सिस्टममें अपना नाम रजिस्टर करते है , प्रक्रीया पूर्ण होतेही आपके आय डी में एक फार्म अपलोड हो जाता है, जिसमें आपको जिन लोगोको मदद करनी है उनके नाम , एड्रेस , बॅंक डिटेल्स इ. जानकारी होती है। अगर किसी व्यक्तीने सिर्फ नाम और एड्रेस ही दिया है तो ऐसी सुरतमें उस व्यक्तींको केवल मनिऑर्डरव्दारा ही  मदद दी जा सकती है। जिसने बॅंक डिटेल्स में सिर्फ बॅंक का नाम और अकाऊंट नंबर दिया है उस बॅंक मे जाकर अकाऊंटमें मदद जमा की जा सकती है। जिसने बॅंक डिटेल्स के साथ बॅंक का आय.एफ.एस.सी कोड दिया है उनको एन.ई.एफ.टी / ऑनलाईन ट्रान्सफर किया जा सकता है। जिस व्यक्तींने क्यू.आर.कोड या यू.पी.आय एड्रेस दिया है ऐसे व्यक्तींको भीमऍप ,गुगल पे , पेटीएम  इस प्रकार की मोबाईल ऍपव्दारा मदद भेजी जा सकती है।

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